दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले जा रहे भारत-श्रीलंका के बीच सीरीज का आखिरी टेस्ट बिना किसी नतीजे पर छुटा। भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से सीरीज अपने नाम कर ली है। तीसरे टेस्ट के पांचवे दिन भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। तीसरा टेस्ट जीतने के लिए भारतीय टीम के 7 विकेटों की जरूरत थी लेकिन भारतीय गेंदबाज दो विकेट ही चटका पाए।
श्रीलंका टीम को दूसरी पारी में मैच जीतने के लिए 410 रन बनाने थे। भारतीय टीम ने दिल्ली टेस्ट पर अपनी पकड़ मजबूत बना रखी थी। एक समय पर ऐसा लग रहा था श्रीलंका टीम इस मुकाबले को गवां देगी। क्योंकि दूसरी पारी में टीम को शुरुआती बड़े झटके लग गए थे।
14 रन के स्कोर पर टीम को पहला झटका समारविक्रमा (5) के रूप में लगा। श्रीलंका को दूसरा झटका 31 रन पर लगा। मोहम्मद शामी की गेंद पर करुणारत्ने (5) अजिंक्य रहाणे को कैच थमा बैठे। श्रीलंका के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और मैच श्रीलंका के हाथ से निकलता जा रहा था।
श्रीलंका को 2 बड़े झटके लगे ही थे कि उसके बाद सुरंगा लकमल (0) और एंजेलो मैथ्यूज (1) रन बनाकर आउट हो गए। श्रीलंका के चार विकेट केवल 35 रनों पर ही गिर गए। पांचवें दिन कप्तान चांदीमल और धनंजय डी सिल्वा के बीच साझेदारी पनपने लगी। भारत को यह मैच जीतने के लिए केवल 6 विकेट चटकाने थे। लेकिन धनंजय डी सिल्वा के शतक ने भारत की उम्मीदों पर काफी हद तक पानी फेर दिया था। पांचवें दिन रविचंद्रन अश्विन ने चांदीमल के रूप में श्रीलंका को बड़ा झटका दिया और भारतीय टीम की मैच में वापसी कराई। कप्तान दिनेश चांदीमल 36 रन बनाकर आउट हुए। अब लगने लगा टीम इंडिया जीत की ओर बढ़ रही है।
धनंजय डी सिल्वा ने भी अपना शतक पूरा किया और वह 119 रन बनाकर रिटायर हर्ट हुए। डिकवेला ने रोशन सिल्वा के साथ मिलकर श्रीलंका को हार से बचा लिया। रोशन सिल्वा (74) और डिकवेला ने (44) रनों की नाबाद पारी खेली। भारतीय टीम ने पहली पारी में 536/7 पर घोषित की थी। वहीं दूसरी पारी 246 रनों पर घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका ने 373 पर ऑलआउट गई तो दूसरी पारी में 5 विकेट पर 299 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली इस मुक़ाबले में मैन ऑफ द मैच रहे।
भारतीय फैन्स के लिए खुशी की बात यह है कि टीम इंडिया ने यह सीरीज 1-0 के साथ जीती और लगातार 9 सीरीज जीतने का भी रिकॉर्ड अपने नाम किया।



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