भारत और श्रीलंका के बीच आखिर और फाइनल मुकाबला विशाखापट्टनम में खेल जाना है,3 वन डे मैचो की सीरीज में पहले वन डे में श्रीलंकाई टीम ने भारतीय टीम को करारी शिकस्त दी थी,लेकिन टीम इंडिया ने दुसरे वन डे मैच में शानदार वापसी की और लंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी इस मैच में भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने अपने करियर का तीसरा दोहरा शतक लगाया था.

बात करे अगर हम विशाखापट्टनम के मैदान की तो ये मैदान भारतीय टीम के लिए बेहतरीन साबित हुआ है,अब तक खेले गए 7 मैचो में भारतीय टीम ने 5 मैचो में जीत दर्ज की है,वहीँ एक मैच में हार और एक मैच वर्ष के कारण रद्द करना पड़ा था.
ये मैदान रहा धोनी के करियर का टर्निंग पॉइंट
बात करे अगर हम विशाखापट्टनम के मैदान की तो ये मैदान भारतीय टीम के लिए बेहतरीन साबित हुआ है,अब तक खेले गए 7 मैचो में भारतीय टीम ने 5 मैचो में जीत दर्ज की है,वहीँ एक मैच में हार और एक मैच वर्ष के कारण रद्द करना पड़ा था.
ये मैदान रहा धोनी के करियर का टर्निंग पॉइंट 
यूँ तो धोनी भारत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक है लेकिन जब उन्होंने अपने वन डे करियर का डेब्यू किया था तो उनकी करियर की शुरुआत बेहद खराब रही थी.उन्होंने शुरूआती 5 मैचो में सिर्फ 22 रन बनाये थे.और टीम से बाहर होने का संकट उनके उपर मंडरा रहा था.लेकिन छठे वनडे में सौरभ गांगुली ने उनपे भरोसा जताते हुए मौका दिया.इसी मैदान पर जब भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही थी,तब सचिन तेंदुलकर 2 रन बना के आउट हो गए थे,लेकिन फिर सौरभ गांगुली की चतुराई भरी कप्तानी की और धोनी को नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया.

उन्होंने सहवाग के साथ मिलके 96 रन की बेहतरीन साझेदारी की और पाकितानी बल्लेबाजो की बखिया उधेड़ दी.धोनी ने उस मैच में 123 गेंदों में 148 रनों की पारी खेली.नए नवेले धोनी का हरेक शॉट दर्शको को मंत्रमुग्ध कर रहा था.इस पारी के बाद धोनी ने फिर कभी पीछे मुड़ के नहीं देखा और दुनिया के बेहतरीन फिनिशेर कहलाने लगे.
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