ऑटो ड्राइवर के बेटे से लेकर टीम इंडिया तक का सफर, खास खबर

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एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर के बेटे से लेकर टीम इंडिया तक का सफर मोहम्मद सिराज के लिए यादगार रहा, हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह 1 दिन टीम इंडिया के लिए खेले और तेलंगाना हैदराबाद के इस नौजवान 23 वर्षीय खिलाड़ी का यह सपना भी दूसरे टी-20 मुकाबले में पूरा हो गया। जब उनको भारतीय टीम की कैप दी गई। मोहम्मद सिराज की मेहनत का ही नतीजा था कि उनको 2 साल के अंदर भारतीय टीम में जगह मिल गई।
कोच रवि शास्त्री के द्वारा मोहम्मद सिराज को कैप दी गई और उसके बाद राष्ट्रगान के दौरान उनकी आंखे नम हो गई। हालांकि दूसरे टी20 मुकाबले में इस तेज गेंदबाज का प्रदर्शन सराहनीय नहीं रहा, लेकिन उन्होंने अपने करियर की पहली अंतरराष्ट्रीय विकेट जरूर ली।

साल 2015 में खेला था पहला फर्स्ट क्लास मुकाबला
मोहम्मद सिराज एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं और इनके पिताजी एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर है। मोहम्मद सिराज के लिए हैदराबाद टीम में अपना फर्स्ट क्लास मुकाबला खेलना भी कोई सपने जैसा ही था। 23 वर्षीय मोहम्मद सिराज ने 15 फर्स्ट क्लास मुकाबले में 57 विकेट अपने नाम किए हैं।

IPL ने बदली तकदीर
मोहम्मद सिराज के फर्स्ट क्लास करियर को देखते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने उन्हें साल 2017 में 2.6 करोड़ की भारी भरकम राशि से अपनी टीम में शामिल किया। गौरतलब है कि ऑटो रिक्शा ड्राइवर के बेटे की तकदीर बदलने में आईपीएल का भी अहम योगदान रहा है। आपको बता दें कि मोहम्मद सिराज का बेस प्राइस कुल 20 लाख था। हैदराबाद के लिए खेलते हुए सिराज ने 6 मैचों में 10 विकेट लिए थे।

डेब्यू मुकाबले में आंखें हुई नम
नेशनल एंथम के बाद मोहम्मद सिराज इमोशनल हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकलने लग गए। पहला अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला हर खिलाड़ी के लिए यादगार रहता है लेकिन मोहम्मद सिराज के लिए यह मुकाबला ज्यादा यादगार नहीं रहा। क्योंकि वह काफी महंगे साबित हुए और अपने 4 ओवर के कोटे में मोहम्मद सिराज ने  53 रन दे डालें। सिराज को अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट कीवीं कप्तान केन विलियमसन के रूप में मिला। भारत न्यूजीलैंड के हाथों यह मुकाबला 40 रनों से हार गया।

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