श्रीदेवी ने हाल फिलहाल में ही बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपने 50 साल पूरे किए हैं और 'मॉम' फिल्म के द्वारा अपनी 300वीं फिल्म पूरी की है। श्रीदेवी ने अपने करियर की शुरुआत एक तमिल फिल्म 'थुनईवन' से की थी। आज हम आपको इस पोस्ट में एक ऐसा किस्सा बताएंगे जिसे श्रीदेवी आज तक नहीं भुला पाई हैं।
यह बात 80 के दशक की है। जब श्रीदेवी का चार्म जोरों पर था जबकि संजय दत्त ने उसी समय अपने करियर की शुरुआत की थी। उसी समय श्रीदेवी के साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने उनको हिला कर रख दिया। सन् 1983 में श्रीदेवी 'हिम्मतवाला' फिल्म की शूटिंग कर रही थी और संजय दत्त श्रीदेवी के बहुत बड़े फैन थे। जब संजय दत्त को पता चला कि श्रीदेवी जितेंद्र के साथ 'हिम्मतवाला' फिल्म की शूटिंग कर रही हैं तो वह बिना देर किए सेट पर उनको देखने का प्लान बनाया। उस समय संजय दत्त का समय बहुत खराब चल रहा था इसीलिए उन्होंने शराब पी रखी थी और ऐसी ही हालत में संजय दत्त श्रीदेवी को देखने के लिए सेट पर चले गए।
बहुत देर खोजने के बाद जब संजय दत्त को श्रीदेवी नहीं दिखीं तो उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जो श्रीदेवी को बिल्कुल पसंद नहीं आया। संजय दत्त शराब के नशे के हालत में ही श्रीदेवी के कमरे में घुस गए। संजय दत्त ने फिल्मफेयर मैगजीन को दिए गए इंटरव्यू के दौरान कहा था कि श्रीदेवी को अंदाजा भी नहीं था कि ऐसे कोई धम्म से उनके कमरे में घुस जाएगा, वह भी ऐसी हालत में। संजय दत्त के मुताबिक उन्होंने कमरे में घुसकर श्रीदेवी जी को क्या कहा और उनके साथ कैसा व्यवहार किया वह तो उन्हें याद नहीं लेकिन श्रीदेवी जी इस घटना से बहुत डर गई थी।
इस घटना के बाद श्रीदेवी ने संजय दत्त के साथ कोई फिल्म ना करने की कसम खाई लेकिन समय का पहिया बदला और संजय दत्त और श्रीदेवी पहली बार 'जमीन' फिल्म में दिखाई दिए लेकिन श्रीदेवी ने इस फिल्म के लिए एक शर्त रखी थी कि वह संजय दत्त के साथ उनका कोई भी सीन नहीं होना चाहिए। उस समय श्रीदेवी टॉप एक्ट्रेस थीं इसीलिए इस बात का ख्याल रखते हुए फिल्म निर्माता ने श्रीदेवी को भरोसा दिलाया कि संजय दत्त उनके अपॉजिट नहीं होंगे, पर किसी कारणवश यह फिल्म डिब्बाबंद हो गई।
इसके बाद श्रीदेवी और संजय दत्त को एक साथ कई फिल्मों में काम करने का मौका मिला लेकिन श्रीदेवी का पहला एक्सपीरियंस इतना डरावना था कि वह इससे उबर नहीं पा रही थीं। इसीलिए श्रीदेवी हमेशा संजय दत्त को फिल्म से बाहर निकालने की कोशिश करती रहती थीं। महेश भट्ट की फिल्म 'गुमराह' के दौरान भी यही हुआ था लेकिन समय बदल गया था। इस समय संजय दत्त का सक्सेस ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा था और श्रीदेवी अपना चार्म खोती जा रही थीं। हमेशा की तरह श्रीदेवी ने इस बार भी संजय दत्त को निकलवाने की कोशिश की लेकिन इस बार वह सफल नहीं हो पाईं। अब उनके पास संजय दत्त के साथ काम करने के सिवाय और कोई चारा नहीं बचा था।
श्रीदेवी और संजय दत्त के बीच नफरत इतनी हो गई थी कि जब 'गुमराह' फिल्म में संजय दत्त और श्रीदेवी के बीच कोई रोमांटिक सीन शूट होता तो कट बोले जाने के तुरंत बाद ही वह संजय दत्त से दूर चली जातीं। जैसे तैसे यह फिल्म शूट हुई। शूट होने के बाद जब इस फिल्म को रिलीज किया गया तो यह फिल्म हिट साबित हुई लेकिन फिल्म की सफलता से भी श्रीदेवी की नफरत और बढ़ गई क्योंकि उन्हें लगा कि फिल्म में संजय दत्त को उनसे ज्यादा फुटेज दी गई है। इसी तरह दोनों के बीच नफरत और दूरियों की खाई और ज्यादा गहरी हो गई।





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